अल्लाह के आखिरी रसूल हजरत मुहम्मद सलल्लाहू अलैहि वसल्लम का इखलाक और आप सलल्लाहू अलैहि वसल्लम की आदतें तमाम इंसानों से बेहतर थी आप सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम बच्चो से बहोट प्यार किया करते थे। फरमाया करते थे कि जो छोटो पर रहम ना करे और बड़ो का हक ना पहचाने वह हम में से नहीं है। आप (S,W) की आदत थी कि जब बच्चो के पास गुजरते तो पहले उन को सलाम करते हजरत अनस (R Z) कहते है कि मै आप (S W) के साथ था, आप (S W) कुछ बच्चो के पास से गुजरे तो उन्हे सलाम किया। जब आप (S W) सफर से वापस तशरीफ लाए तो सहर दाखिल होने पर जो बच्चा भी मिल जाता उसे अपनी ऊंटनी पर अपने साथ बैठा लेते।
उम्मे कैश (R Z) बिनते मोहसिन कहती है कि मै अपने बेटे को लेकर आप (S W) कि खिदमत में हाजिर हुई आप (S W) ने उसको अपनी गोद मे बैठा लिए उसने आप (S W) पर पेसाब कर दिया आप (S W) ने पानी मंगवाया और उस जगह डाल दिया जहा उसने पेशाब किया था।
हजरत अनस (R Z) जब छोटे से थे तो आप ही की खिदमत में रहा करते थे आप (S W ) मुहब्बत उन को ऐ दो कान वाले फरमाया करते थे उन का बयान है कि एक मर्तबा आप (S W ) ने मुझे किसी काम के लिए भेजा मैंने कहा नहीं जाऊंगा लेकिन मेरे दिल मे ये बात थी कि जिस काम को आप (S W) ने फरमाया है मै उसे जरूर करूंगा मैं वहा से चला तो रास्ते मे बच्चे खेलते हुए मिल गए मै भी खेल में लग गया इतने मे पीछे से किसी ने मेरी गर्दन पकड़ी देखा तो ( S W) हस रहे है और फरमा रहे हैं। ऐ अनस जाओ जिस काम को मैंने कहा था मैंने अर्ज किया। या रसूलल्लाह जाता हूं हजरत अनस (R Z) ने रसूले खुदा (S W) कि दस साल खिदमत कि वो फरमाते है कि आप (S W) ने मुझे कभी उफ्फ तक न कहा एक सहाबी का बयान है की मैं अंसार के खजूर के बागो में चला जाता और वहा ढेले मार कर खजूरे गिराता एक मर्तबा मुझे लोग पकड़ कर आप (S W) की खिदमत में ले गए
आप (S W) ने पूछा ढेले क्यों मारते हो ? मैंने कहा खजुरे खाने के लिए
फरमाया : जो खजूर जमीन पर टपकती हैं उन को उठा लिया करो
ढेले ना मारा करो या कह कर मेरे सर पर हाथ फेरा और दुआ भी दी?
हजरत आएशा (R Z) के पास एक औरत आई, उसके साथ दो छोटी छोटी लड़कियां भी थीं उस वक्त उन के पास कुछ न था। एक खजूर जमीन पर पड़ी हुई थी
आप (R Z) ने वही उठा कर दे दी औरत ने उस खजूर के दो टुकड़े किए और दोनो लड़कियों में बराबर तक्सीम कर दिया , जब रसूल (S W) अकरम बाहर से तशरीफ लाए तो हजरत आएशा (R Z) ने या किस्सा सुनाया आप (S W) ने फरमाया जिस को खुदा औलाद की मोहब्बत अता करे और वाह उन का हक अदा करे तो वाह दोजख से बच जाएगा।
आप (S W) फरमाते है कि मै नमाज सुरू करता हूं और या इरादा होता है कि उसको लम्बी करदू गा कि इतने में सफ से किसी बच्चे के रोने कि आवाज आती है इस खयाल से मैं नमाज मुख्तसर कर देता हूं कि इस की मां को तकलीफ होगी
जब किसी के घर कोई बच्चा पैदा होता तो सबसे पहले उस को आप (S W) की खिदमत में पेश किया जाता। आप (S W) बच्चे के सर पर हाथ फेरते खजूर चबा कर अपने मूंह का लॉब बच्चे के मुंह में डालते और उसके लिए बरकत की दुआ फरमाते
एक दफा एक लड़ाई में चंद बच्चे मारे गए आप (S W) को उसकी खबर हुई तो आप (S W) बहुत नाराज हुए एक शख्स ने कहा वह किसी मुसलमान के बच्चे न थे आप (S W) ने फरमाया खबरदार बच्चो को कतल न करो ।
आप (S W) कि आदत थी कि जब फसल का नया मेवा आप (S W) कि खिदमत में पेश होता तो हाजरीन में जो सबसे कम सिन बच्चा होता उसको देते ।
आप (S W) बच्चो को चूमते और उनको प्यार करते
एक दफा इसी तरह आप (S W) बच्चो को प्यार कर रहे थे की एक बदवी आया उसने कहा तुम लोग बच्चो को प्यार करते हो ?
मेरे दस बच्चे है मगर मैने अब तक किसी को प्यार नही किया ।
आप (S W) ने फरमाया अल्लाह अगर तुम्हारे दिल से मोहब्बत छीन ले तो मै क्या करूं ।
जब आप (S W) मक्का छोड़ कर मदीने में दाखिल हो रहे थे तो अंसार की छोटी छोटी लड़कियां खुशी खुशी गीत गा रही थी
जब आप (S W) उन के पास से गुजरे तो फरमाया लड़कियों तुम मुझसे प्यार करती हो सब ने कहा। हां। या रसुल्लाह ;
आप (S, W) ने फरमाया मै भी तुम्हे प्यार करता हूं
अबुकतादा (R, Z) का बयान है की हम लोग मस्जिद नब्वी में हाजिर थे कि दफ्तान रसूलल्लाह (S W) अपनी नौ इसी इमामा को कंधे पर बैठाए हुए तशरीफ लाए और उसी हालत में नमाज पढ़ी । जब आप (S W) रूकू में जाते तो उन को उतार देते फिर जब खड़े होते तो फिर बैठा लेते,,?
